Oscar Vistara Soybean
अधिक उत्पादन | रोग प्रतिरोधक | भरोसेमंद किस्म
तापमान
25–30°C
बीज दर
25 किलो प्रति एकड़
रोग प्रतिरोधक
अच्छी क्षमता
सोयाबीन की खेती की कृषि कार्यमाला (किस्म - विस्तारा)
| क्रमांक | कार्यविधिया | कार्यविधियो का वर्णन |
|---|---|---|
| 1 | जलवायु | सोयाबीन की खेती वर्षा वाले जलवायु क्षेत्र में की जाती है। सोयाबीन के लिए गर्म वातावरण और अच्छी धूप की आवश्यकता होती है। पौधे की बढ़वार के समय तापमान 25–30°C उपयुक्त होता है। |
| 2 | भूमि की तैयारी | ग्रीष्मकालीन में 2–3 बार गहरी जुताई करने के बाद पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभूरी और खेत को समतल कर लें। जुताई पश्चात 15–20 दिन के लिए खेत को खाली छोड़ दें, जिससे जमीन के नीचे पाये जाने वाले कीट एवं भूमि जनित बीमारियां नष्ट हो सकें। |
| 3 | बोआई का समय | 15 जून से 15 जुलाई तक का समय उपयुक्त है। |
| 4 | बीज उपचार | थायरम दवा 2.5 से 3.0 ग्राम प्रति किलो बीज बोने के पूर्व मिलाकर तत्पश्चात बोआई करें। |
| 5 | बीज दर | विस्तारा किस्म का बीज 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से उपयुक्त रहता है। |
| 6 | पौधें से पौधें की दूरी | 5–7 सेन्टीमीटर होना चाहिए। |
| 7 | कतार से कतार की दूरी | 45 सेन्टीमीटर होना चाहिए। |
| 8 | उर्वरक प्रबंधन | खाद की मात्रा मिट्टी परीक्षण के आधार पर तय करें एवं सामान्यतः NPK क्रमशः 10:25:10 एवं गंधक 8 किलो ग्राम प्रति एकड़ की दर से देना चाहिए। |
| 9 | सिंचाई | सोयाबीन वर्षा आधारित खरीफ फसल है। इसलिए इसमें अलग से सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है। |
| 10 | खरपतवार नियंत्रण | अपने निकटतम कृषि विशेषज्ञ से परामर्श लेकर उपयुक्त रासायनिक खरपतवारों का छिड़काव करें। |
| 11 | कीट एवं रोग नियंत्रण | विस्तारा किस्म रस्ट एवं अन्य बीमारियों के प्रति सहनशील है फिर भी अन्य कीट एवं रोग दिखने अवस्था में अपने निकटतम कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेकर दवा का छिड़काव करें। |
| 12 | फसल की कटाई | फसल की कटाई तब करना चाहिए जब 95 प्रतिशत फलियां भूरी हो जाए एवं पत्तियां झड़ जाएँ उसके बाद ही कटाई शुरू करें। |
| 13 | विशेष सुझाव | सोयाबीन बीज की बुआई 3–4 इंच वर्षा हो जाने के बाद ही करें एवं खेत में जल निकास की उचित व्यवस्था करें। |